पंचम मासानुमासिक कल्प (5th Masanumasik kalp)
पंचम मासानुमासिक कल्प (5th Masanumasik kalp)
मासानुमासिक कल्प- पंचम मास
(सुश्रुत संहिता)
प्रयुक्त सामग्री:– बहेड़ा, रिंगनी, काश्मर्य, वट त्वक, अश्वत्थ त्वक, गूलर त्वक, सिता ।
लाभ:- DNA को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने में, गर्भपात से रक्षा करने में, भ्रूण को पोषण देने में, भ्रूण में संवेदी- दृष्टि, श्रवण, स्वाद, घ्राण तथा स्पर्श के विकास करने में, त्वचा पारदर्शी और गुलाबी से लाल रंग में बदलने में, भ्रूण के सिर पर एवं पूरे शरीर में बाल उगाने आदि में सहायक है।
सेवन विधि:– वैद्यकीय परामर्शानुसार अथवा
10-10 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें।
सावधानियां :-
1. नशा से दूर रहें ।
2. जंक फूड का परहेज करें।
3. कोल्ड ड्रिंक का परहेज करें।
4. अनार, अनानास, तथा कच्चा पपीता का सेवन ना करें
5. बाई करवट लेकर सोयें।
मात्रा:–600ग्राम
मूल्य:–600/-
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