षष्ठम मासानुमासिक कल्प (6th Masanumasik kalp)
षष्ठम मासानुमासिक कल्प (6th Masanumasik kalp)
मासानुमासिक कल्प- षष्ठम मास
(सुश्रुत संहिता)
प्रयुक्त सामग्री:– प्रश्नपर्णी, बलामूल, शिग्रू त्वक, गोक्षुर, यष्टिमधु, सिता ।
लाभ:– DNA को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने में, गर्भपात से रक्षा करने में, भ्रूण को पोषण देने में, त्वचा का रंग लाल एवं बुद्धि के विकास में, बाहर की आवाजों को सुनकर प्रतिक्रिया देने में, आँखें खोलने आदि में सहायक है।
सेवन विधि:– वैद्यकीय परामर्शानुसार अथवा
10-10 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें।
सावधानियां:–
1.संतुलित आहार और फाइबर युक्त भोजन करें।
2. हल्का व्यायाम करें।
3. तनाव से बचें।
4. भारी वजन उठाने से बचें।
5.पैरों में सूजन एव ऐठन हो सकती है, परेशान ना हो।
6.अधिक समस्या होने पर बैध जी से परामर्श लेते रहें।
मात्रा:–600ग्राम
मूल्य:– 600/-
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