सप्तम मासानुमासिक कल्प (7th Masanumasik kalp)
सप्तम मासानुमासिक कल्प (7th Masanumasik kalp)
मासानुमासिक कल्प- सप्तम मास
(सुश्रुत संहिता)
प्रयुक्त सामग्री:– श्रृंगाटक, पद्मा कंद, द्राक्षा, कसेरूक, यष्टिमधु, सिता ।
लाभ:– DNA को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने में, गर्भपात से रक्षा करने में, भ्रूण को पोषण देने में, मस्तिष्क का विकास, हड्डियों को विकसित, मांसपेशियों एवं फैट का विकास तेजी से करने में, शिशु के पलके खोलने में, गर्भ में शिशु का जगह बदलते रहने में, शिशु में उपरोक्त विकास के कार्य को क्रियान्वित करने आदि में सहायक है।
सेवन विधि:– वैद्यकीय परामर्शानुसार अथवा
10-10 ग्राम सुबह-शाम दूध के साथ सेवन करें।
सावधानियां :-
1. संतुलित आहार एवं अल्पाहार बार-बार लें।
2. नियमित हल्का व्यायाम करें।
3. पर्याप्त आराम करें।
4. सीढ़ियां चढ़ने से बचें या रेलिंग पकड़ कर चढ़ें।
5. अधिक समस्या होने पर बैध जी का परामर्श लेते रहें।
मात्रा:– 600ग्राम
मूल्य:– 600/-
Couldn't load pickup availability

