प्रथम मासानुमासिक कल्प (1st Masanumasik kalp)
प्रथम मासानुमासिक कल्प (1st Masanumasik kalp)
मासानुमासिक कल्प – प्रथम मास
(सुश्रुत संहिता)
प्रयुक्त सामग्री :– यष्टिमधु, सागवान बीज, क्षीरविदारी, देवदारू, सिता ।
लाभ:–DNA को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने में सहायक है जिसके फलस्वरुप शिशु ओजस्वी, तेजस्वी, विवेकवान, स्वस्थ, दीर्घायु, बलवान, आकर्षक तथा सुंदर रूप में जन्म लेता है, गर्भस्त्राव से रक्षा करने में, भ्रूण को पोषण देने में, भ्रूण को संक्रमण से बचाने में, पंचमहाभूत का समावेश कराने आदि में सहायक।
सेवन विधि:– बैधकीय परामर्शानुसार अथवा
10 - 10 ग्राम सुबह - शाम दूध के साथ सेवन करें।
सावधानियां:–
1. पोषक आहार लें।
2. हानिकारक पदार्थों से बचें।
3. खुद को हमेशा हाइड्रेट रखें।
4. भरपुर आराम करें।
5. हल्के कार्यों में अपने आप को सक्रिय रखें।
मात्रा:– 600ग्राम
मूल्य:–600/–
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